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CJP Press Conference: सही बात पर सवाल क्यों — बोलने वाले की background नहीं, बात सुनो

CJP पर सवाल उठाने वाले ज़रा सोचें — सही बात कहने वाले की पहचान नहीं, बात सुनो

CJP पर सवाल उठाने वाले ज़रा सोचें — सही बात कहने वाले की पहचान नहीं, बात सुनो

CJP Article

CJP पर सवाल उठाने वाले ज़रा सोचें — सही बात कहने वाले की पहचान नहीं, बात सुनो

Cockroach Janata Party की पहली press conference हुई, माँगें साफ़ थीं — पर कुछ लोगों को बात नहीं, बोलने वाले की background दिखी।

3 जून 2026 को दिल्ली के Constitution Club में Cockroach Janata Party (CJP) की पहली official press conference हुई। इसमें तीन नए spokesperson सामने आए — investigative journalist Saurav Das, political researcher Vijeta Dahiya, और IIT Kanpur alumni Ashutosh Ranka। माँग एक थी — Education Minister Dharmendra Pradhan का इस्तीफ़ा, NEET, CBSE और CUET में हुई गड़बड़ियों की वजह से।

8 लाख+
लोगों ने petition sign की
6 जून
Jantar Mantar protest
3
नए spokesperson announce

Press Conference में क्या कहा?

Saurav Das ने कहा — “8 लाख लोगों ने petition sign की है, फिर भी किसी को सज़ा नहीं मिली। दो secretaries का transfer हुआ — यह punishment नहीं, eyewash है।” Party ने साफ़ कहा कि 6 जून को Abhijeet Dipke Delhi आएंगे और Jantar Mantar पर protest होगा। Climate activist Sonam Wangchuk ने भी support देते हुए कहा कि वो 6 जून को शामिल होंगे।

“हमारा call open है — कोई भी बिना party flag के आ सकता है। हम सरकार से भी बात करने को तैयार हैं और opposition से भी।”
— Saurav Das, CJP Spokesperson

अब असली बात — यह “AAP Connection” वाला मुद्दा

Press conference के बाद कुछ लोग बात नहीं कर रहे थे, background खोद रहे थे। किसी ने कहा Saurav Das पहले AAP से जुड़े थे, किसी ने RJD MP का नाम लिया, किसी ने Vijeta Dahiya को Dhruv Rathi का content writer बताया — जैसे इससे उनकी बात ग़लत हो जाती है।

सोचने वाली बात यह है — क्या किसी पार्टी से पुराना connection होना मतलब उसकी बात में दम नहीं?

अगर कोई AAP से आया है, तो क्या वो exam paper leaks के ख़िलाफ़ आवाज़ नहीं उठा सकता? NEET में गड़बड़ी हुई — यह fact है। 8 लाख बच्चों ने petition sign की — यह भी fact है। फिर भी किसी को सज़ा नहीं मिली। तो बहस बात पर हो, बोलने वाले की background पर नहीं।

Das ने press conference में ख़ुद यह pattern notice किया — जो भी system से सवाल पूछे, उसे “anti-national” या किसी party का agent बता दो। यह कोई नई trick नहीं है। लेकिन इस trick से बात ग़लत नहीं हो जाती।

ज़रूरी यह नहीं कि बोलने वाला कौन है — ज़रूरी यह है कि बात सही है या नहीं। लाखों बच्चों का भविष्य दाँव पर है। अगर CJP वो काम कर रही है जो बड़ी parties नहीं कर रहीं — तो background देखने की जगह बात सुनो।

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