15 जून 2026 की शाम — जयपुर के शहीद स्मारक पर Cockroach Janta Party (CJP) का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। हज़ारों युवा जमा थे। माहौल गर्म था लेकिन शांतिपूर्ण। तभी CJP फाउंडर अभिजीत दीपके मंच की तरफ बढ़े — समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। और उसी भीड़ में से कुछ लोग आए और दीपके को ताबड़तोड़ थप्पड़ मार दिए।
वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया।
पुलिस ने हमले के बाद 5 युवकों को गिरफ्तार किया — रोहित शर्मा, राकेश गुर्जर, अजय शर्मा, कुलदीप सिंह शेखावत और निकेत। पुलिस custody में राकेश गुर्जर ने कहा कि उसका किसी भी political party से कोई संबंध नहीं है और उसने खुद को “राष्ट्रवादी” बताया। उसने CJP को “जिहादी मानसिकता” वाला आंदोलन बताया और NEET पेपर लीक के मुद्दे को महज़ “बहाना” करार दिया।
हमले के बाद अभिजीत दीपके ने X पर लिखा — “शारीरिक हमले डर और कायरता की निशानी हैं। हम शांति से अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे। मैं गांधी और अंबेडकर का अनुयायी हूँ — यह सत्याग्रह है, यह जारी रहेगा।”
— अभिजीत दीपके
दीपके ने साफ कहा — थप्पड़ को मुद्दा मत बनाओ। यह ध्यान भटकाने की कोशिश है। असली सवाल यह है कि NEET 2026 का पेपर लीक क्यों हुआ, CBSE की On-Screen Marking में गड़बड़ी क्यों हुई — और Education Minister अब तक अपनी कुर्सी पर क्यों बैठे हैं?
दीपके ने हमले के पीछे RSS का हाथ होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन को दबाने और छात्रों की आवाज़ को कुचलने की कोशिश है। हमले के अगले ही दिन — 16 जून को — वो नागपुर पहुंचे और वहाँ संविधान चौक पर फिर से प्रदर्शन किया।
- CJP का 6 जून को जंतर-मंतर पर पहला बड़ा प्रदर्शन हो चुका है।
- 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर indefinite sit-in का ऐलान है।
- मांग एक ही है — जब तक Education Minister धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, धरना जारी रहेगा।
थप्पड़ की खबर ट्रेंड करती रही — लेकिन दीपके का संदेश साफ रहा। जो लोग चाहते थे कि मुद्दा बदल जाए, वो नाकाम रहे। CJP का काफिला रुका नहीं — जयपुर से नागपुर, और अब दिल्ली।

