4 जून 2026 को BJP Bihar के official X (Twitter) handle से एक video post की गई जिसमें पटना की सड़कें एकदम चमकती-दमकती नज़र आ रही थीं। Caption था — “चौंकिए मत, ये बिहार की राजधानी पटना है! जहां भाजपा-NDA सरकार, वहां विकास की तेज रफ्तार।”
बात यहीं नहीं रुकी। पटनासाहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद और दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर समेत कई बड़े नेताओं ने भी इस video को अपने accounts से share किया। बिहार से बाहर रह रहे लोगों को यह देखकर सच में लगा कि पटना बदल गया है।
जैसे ही यह सच सामने आया, social media पर BJP और उनके नेताओं को जमकर trolling हुई। Congress नेता Supriya Shrinate ने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ AI से चमकता पटना दिखाया जा रहा है, दूसरी तरफ उसी दिन मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में आग लगने से 4 लोगों की जान चली गई।
यह मामला एक बड़ा सवाल उठाता है — जिन political parties पर लोग भरोसा करते हैं, क्या उनकी ज़िम्मेदारी नहीं बनती कि वो कोई भी content post करने से पहले उसे verify करें? AI के इस दौर में fake videos पहचानना मुश्किल ज़रूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं।

