भारत में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें हर किसी के बजट को प्रभावित कर रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भूटान, जो भारत से ही पेट्रोल खरीदता है, वही ईंधन अपने देश में काफी सस्ते दाम पर बेचता है? तो जानते हैं आखिर भारत में पेट्रोल महंगाक्यों है। इस लेख में हम समझेंगे कि ऐसा क्यों होता है और दोनों देशों में कीमतों का अंतर क्या है।
1. भारत में पेट्रोल महंगा क्यों है?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत केवल उत्पादन लागत पर नहीं बल्कि कई अन्य कारणों से बढ़ जाती है:
(1) टैक्स और ड्यूटी का बोझ
- भारत में पेट्रोल और डीजल पर भारी एक्साइज ड्यूटी, वैट और अन्य राज्य कर लगते हैं। ये कीमत का बड़ा हिस्सा बनाते हैं।
(2) उच्च मांग
- भारत में वाहन संख्या और ईंधन की खपत बहुत अधिक है। उच्च मांग के कारण बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं।
(3) ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक खर्च
- उत्पादन से लेकर रिफाइनरी और पेट्रोल पंप तक ईंधन पहुंचाने में ट्रांसपोर्ट और अन्य लॉजिस्टिक लागत जुड़ती है।
(4) राजस्व का स्रोत
- पेट्रोल पर लगाए गए टैक्स और ड्यूटी सरकार के लिए मुख्य राजस्व स्रोत हैं।
इन कारणों से भारत में पेट्रोल और डीजल लगातार महंगे होते हैं।
2. भूटान में सस्ता क्यों मिलता है?
- कम टैक्स और सब्सिडी: भूटान सरकार ईंधन पर कर बहुत कम लेती है और कभी-कभी सब्सिडी भी देती है।
- भारत से सस्ता आयात: भूटान भारत से पेट्रोल खरीदता है, लेकिन विशेष समझौतों के तहत वह सस्ते दाम पर खरीद पाता है।
- कम खपत और ट्रांसपोर्ट लागत: भूटान में वाहन कम हैं, और ढुलाई लागत भी कम है, जिससे अंतिम कीमत कम होती है।
3. कीमतों की तुलना
| देश / शहर | पेट्रोल (प्रति लीटर) | डीजल (प्रति लीटर) |
|---|---|---|
| भारत (औसत) | ₹ 100–105 | ₹ 89–95 |
| भूटान (रूपये में अनुमानित) | लगभग ₹ 60–70 | लगभग ₹ 58–67 |
यह स्पष्ट करता है कि भूटान में पेट्रोल और डीजल भारत की तुलना में काफी सस्ते हैं, भले ही वह भारत से ही ईंधन आयात करता है।
भारत में पेट्रोल महंगा है क्योंकि टैक्स, ड्यूटी और लॉजिस्टिक खर्च ज्यादा हैं। भूटान भारत से ही पेट्रोल खरीदता है लेकिन कम टैक्स और सब्सिडी की वजह से सस्ता बेचता है। आर्थिक नीतियों और मांग-आपूर्ति के अंतर के कारण दोनों देशों में कीमतों का अंतर साफ दिखाई देता है।
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