अप्रैल का महीना है। सुबह के नौ बजे हैं। और बाहर निकलते ही लगता है जैसे किसी ने तंदूर खोल दिया हो। यह सिर्फ आपका एहसास नहीं है — यह 2026 की वो भीषण गर्मी है जो हर record तोड़ती जा रही है।
99 सबसे गर्म शहर — और सब भारत के
अगर आपसे कोई पूछे कि दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से कितने भारत के हैं — तो जवाब सुनकर आप चौंक जाएंगे।
जवाब है 99.
जी हाँ, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 99 इस वक्त भारत में हैं। और इनमें सबसे ज़्यादा शहर किस राज्य के हैं? राजस्थान नहीं — उत्तर प्रदेश के।
यह आँकड़ा न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह एक गहरी चेतावनी भी है।
यूपी का बांदा — 47.4°C, देश का सबसे गर्म ज़िला
उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में अप्रैल 2026 में पारा 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया — और यह देश का सबसे गर्म ज़िला बन गया। प्रयागराज में भी तापमान 44.6°C दर्ज किया गया।
ज़रा सोचिए — अप्रैल में, जब गर्मी का असली सीज़न तो मई-जून में आता है, उससे पहले ही हाल यह है।
IMD (India Meteorological Department) ने 10 से अधिक राज्यों में Heatwave का Red Alert जारी किया है — उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात और छत्तीसगढ़।
राजस्थान से ज़्यादा गर्म यूपी — आखिर क्यों?
यह सवाल सबके मन में उठता है। रेगिस्तान वाला राजस्थान ठंडा और मैदान वाला यूपी ज़्यादा गर्म — ऐसा कैसे?
इसका जवाब वैज्ञानिकों ने दिया है:
1. शुष्क हवाएँ (Dry Winds): यूपी जैसे मैदानी इलाकों में पाकिस्तान और पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म, शुष्क हवाएँ सीधे असर करती हैं। नमी न होने से पसीना नहीं सूखता और शरीर को राहत नहीं मिलती।
2. राजस्थान को अरब सागर की नमी मिलती है: राजस्थान के कुछ हिस्सों में अरब सागर से आने वाली हवाएँ थोड़ी नमी लाती हैं, जिससे तापमान उतना extreme नहीं होता।
3. शहरों का “Heat Island” बनना: IIT Bombay की एक रिसर्च के मुताबिक, शहरों में कंक्रीट, डामर और ऊँची इमारतें दिन की गर्मी को सोख लेती हैं। रात को भी यह गर्मी बाहर नहीं जाती — नतीजा: रातें भी गर्म, इंसान के शरीर को ठीक होने का मौका नहीं मिलता।
“Warm Night” — जब रात भी दुश्मन बन जाए
IMD ने हरियाणा, राजस्थान और यूपी के कई हिस्सों में “Warm Night” की चेतावनी दी है।
इसका मतलब है — रात का तापमान भी सामान्य से बहुत अधिक रहेगा।
यह इसलिए खतरनाक है क्योंकि इंसान का शरीर रात को ठंडा होकर खुद को repair करता है। जब रात भी गर्म हो, तो अगले दिन की गर्मी झेलने की क्षमता और कम हो जाती है। बुज़ुर्गों और बच्चों के लिए यह सबसे ज़्यादा जोखिम भरा होता है।
स्कूलों पर असर — बच्चों की पढ़ाई और सेहत दोनों दांव पर
गर्मी का असर अब स्कूलों पर भी पड़ रहा है:
- ओडिशा में स्कूल सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक ही लग रहे हैं।
- उत्तराखंड के देहरादून में सभी स्कूल बंद करने का आदेश जारी हुआ।
- छत्तीसगढ़ में गर्मियों की छुट्टियाँ समय से पहले 20 अप्रैल से शुरू कर दी गईं।
- पश्चिम बंगाल में 22 अप्रैल से ही छुट्टियाँ हो चुकी हैं।
यानी गर्मी अब सिर्फ मौसम की बात नहीं रही — यह शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को सीधे प्रभावित कर रही है।
स्कूल हो या अस्पताल — गरीब की जेब हमेशा खाली, मजबूरी हमेशा भारी

