Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
Thehindinews
Thehindinews

भारत में शुरू हुआ यूनेस्को समिति का 20वां सत्र, सांस्कृतिक विरासत पर चर्चा

भारत में शुरू हुआ यूनेस्को की अंतर-सरकारी समिति का 20वां सत्र, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर वैश्विक ध्यान

Hindi News, December 8, 2025December 8, 2025

भारत आज से यूनेस्को United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization (UNESCO) की अंतर-सरकारी समिति (Intergovernmental Committee) के 20वें सत्र की मेज़बानी कर रहा है। यह आयोजन 08 से 13 दिसंबर तक नई दिल्ली में चलेगा, जिसमें दुनिया भर के विशेषज्ञ, सांस्कृतिक प्रतिनिधि और नीतिकार भाग ले रहे हैं। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनाना है।

आयोजन का उद्देश्य

यूनेस्को की यह समिति उन सांस्कृतिक परंपराओं, लोककला, संगीत, नृत्य, रीति-रिवाज़ों और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के लिए काम करती है, जो समय के साथ खोने के खतरे में हैं। भारत में आयोजित इस सत्र में उन नीतियों और प्रक्रियाओं पर चर्चा होगी, जिनसे ऐसी विरासतों को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके।

भारत की भूमिका और महत्व

भारत स्वयं विविध सांस्कृतिक परंपराओं का धनी देश है। योग, कुंभ मेला, नवरेह, रामलीला, कालबेलिया नृत्य जैसी कई परंपराएँ यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल हैं। ऐसे में इस वैश्विक आयोजन की मेज़बानी भारत के लिए सांस्कृतिक नेतृत्व को मजबूत करने का अवसर भी है।
इस सत्र के दौरान भारत अपनी सांस्कृतिक उपलब्धियों और विरासत संरक्षण के प्रयासों को भी विश्व मंच पर प्रस्तुत करेगा।

छह दिन तक किन मुद्दों पर होगी चर्चा

इस सत्र में कई अहम विषयों पर विचार-विमर्श होगा, जिनमें शामिल हैं:

  • सांस्कृतिक विरासत से जुड़े देशों के प्रस्ताव
  • विरासत संरक्षण की नई नीतियाँ
  • वित्तीय और तकनीकी सहयोग
  • सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक पीढ़ी तक पहुँचाने के तरीके
  • खतरे में पड़ी परंपराओं के लिए आपात सुरक्षा उपाय

वैश्विक संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण अवसर

यह आयोजन न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सहयोग का मंच है। दुनिया भर से आए विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए एक प्रभावी वैश्विक नीति बनाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम देशों को अपनी सांस्कृतिक पहचान बरकरार रखने के सामूहिक प्रयास का अवसर भी प्रदान करता है।

संसद में आज फिर गूंजेगा “वंदे मातरम्” — 150वीं वर्षगांठ पर विशेष बहस, पुराने विवाद भी आएंगे सामने

News Article

Post navigation

Previous post
Next post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • जब PM खुद मैदान में उतरें फिल्म बचाने — तो सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर क्यों?
  • ‘द कारवां’ की रिपोर्ट पर वीडियो बनाया, गडकरी ने ठोका 50 करोड़ का मुकदमा — इन्फ्लुएंसर मुकेश मोहन का फोन भी जब्त
  • एलपीजी संकट की मार: होमटाउन से दूर रहने वाले मज़दूर और नौकरीपेशा लोग सबसे ज़्यादा बेहाल, ब्लैक में ₹6,000 तक पहुँचा सिलेंडर
  • स्कूल हो या अस्पताल — गरीब की जेब हमेशा खाली, मजबूरी हमेशा भारी
  • धुरंदर और धुरंदर: द रिवेंज — एक्शन, देशभक्ति और सस्पेंस का धमाकेदार कॉम्बो!

Advertisement

social link

  • Facebook
  • जब PM खुद मैदान में उतरें फिल्म बचाने — तो सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर क्यों?
  • ‘द कारवां’ की रिपोर्ट पर वीडियो बनाया, गडकरी ने ठोका 50 करोड़ का मुकदमा — इन्फ्लुएंसर मुकेश मोहन का फोन भी जब्त
  • एलपीजी संकट की मार: होमटाउन से दूर रहने वाले मज़दूर और नौकरीपेशा लोग सबसे ज़्यादा बेहाल, ब्लैक में ₹6,000 तक पहुँचा सिलेंडर
  • स्कूल हो या अस्पताल — गरीब की जेब हमेशा खाली, मजबूरी हमेशा भारी
  • धुरंदर और धुरंदर: द रिवेंज — एक्शन, देशभक्ति और सस्पेंस का धमाकेदार कॉम्बो!

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version